अयोध्या न्यूज डेस्क: अयोध्या नगरी में इस समय उत्सव का माहौल है। प्रभु श्रीराम और माता सीता के विवाह को लेकर हर गली और हर मंदिर में विशेष आयोजन किए जा रहे हैं। इस बार पहली बार बाल स्वरूप में विराजमान श्रीराम के विवाह की तैयारी की जा रही है। हर साल मार्गशीर्ष मास के कृष्ण पक्ष की पंचमी तिथि पर विवाह पंचमी का पर्व मनाया जाता है, जिसके दौरान श्रीराम और सीता माता का विवाह समारोह होता है। इस वर्ष अयोध्या में यह आयोजन भव्य स्तर पर किया जा रहा है।
अयोध्या के प्रमुख मंदिरों और जानकी महल ट्रस्ट की ओर से इस आयोजन की शुरुआत 3 दिसंबर 2024 को गणेश पूजन के साथ हुई। यहां पर रामार्चा महायज्ञ और रामलीला के कार्यक्रम आयोजित किए गए। 4 दिसंबर को फुलवारी लीला और वैवाहिक गीतों के साथ रामलीला का मंचन हुआ। इसके बाद 5 दिसंबर को हल्दी, तिलक और मेहंदी जैसे पारंपरिक कार्यक्रम किए गए।
6 दिसंबर को न्यौछावरी और घुड़चढ़ी के बाद राम बारात नेपाल के लिए प्रस्थान करेगी। जनकपुर में माता सीता के निवास पर यह भव्य विवाह समारोह होगा। विवाह के लिए विहिप के संयोजन में 500 श्रद्धालु बारात के साथ 3 दिसंबर को नेपाल रवाना हुए हैं। वहां पर बारातियों के रुकने और अन्य व्यवस्थाओं के लिए खास इंतजाम किए गए हैं।
7 दिसंबर को छप्पन भोग दर्शन और कुंवर कलेवा जैसे कार्यक्रम जनकपुर में आयोजित होंगे। इन रस्मों के बाद 8 दिसंबर को माता सीता की विदाई होगी। इस आयोजन को लेकर अयोध्या और नेपाल दोनों ही जगहों पर भक्तों में भारी उत्साह देखने को मिल रहा है।
यह आयोजन न केवल धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है, बल्कि रामायण के प्रसंग को जीवंत करने का एक अनूठा अवसर भी है। अयोध्या में प्राण प्रतिष्ठा के बाद यह पहली बार है जब राम बारात इतनी बड़ी संख्या में नेपाल के लिए रवाना हुई है। श्रद्धालु न केवल इस ऐतिहासिक पल के गवाह बन रहे हैं, बल्कि इसकी भव्यता को भी महसूस कर रहे हैं।
जनकपुर में विवाह की तैयारियां पूरी हो चुकी हैं। बारात के स्वागत से लेकर विवाह की रस्मों तक, हर आयोजन को खास बनाने की कोशिश की गई है। माता सीता की विदाई के साथ इस ऐतिहासिक विवाह समारोह का समापन होगा, जो लंबे समय तक श्रद्धालुओं के मन में यादगार बनेगा।