अयोध्या न्यूज डेस्क: अमेरिका के नवनिर्वाचित राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारतीय मूल के काश पटेल को फेडरल ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टिगेशन (FBI) का नया डायरेक्टर नियुक्त किया है। काश पटेल, जिनका पूरा नाम कश्यप प्रमोद पटेल है, लंबे समय से ट्रंप प्रशासन के करीबी माने जाते रहे हैं। ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म Truth Social पर यह घोषणा करते हुए कहा कि काश पटेल ने अपने करियर में भ्रष्टाचार उजागर करने और न्याय की रक्षा करने में अहम भूमिका निभाई है। उन्होंने पटेल को "सच्चा फाइटर" बताते हुए भरोसा जताया कि वे एफबीआई को मजबूती से नेतृत्व देंगे।
काश पटेल अपने बेबाक बयानों और निडर विचारों के लिए जाने जाते हैं। खासकर, जब अयोध्या में राम मंदिर के उद्घाटन को लेकर अमेरिकी मीडिया और अंतरराष्ट्रीय धार्मिक संगठनों ने आलोचना की थी, तब पटेल ने इसे एकतरफा नैरेटिव बताया था। उन्होंने जोर देकर कहा था कि पश्चिमी मीडिया केवल हालिया घटनाओं को दिखा रहा है, जबकि राम मंदिर का इतिहास 500 वर्षों से अधिक पुराना है। उनका कहना था कि यह सिर्फ धार्मिक मुद्दा नहीं, बल्कि ऐतिहासिक न्याय का प्रतीक है, जिसे मीडिया ने सही संदर्भ में नहीं पेश किया।
गुजराती मूल के अमेरिकी नागरिक काश पटेल का जन्म 25 फरवरी 1980 को न्यूयॉर्क के गार्डन सिटी में हुआ था। उनके माता-पिता भारत से अमेरिका आकर बसे थे, और उनके पिता एविएशन सेक्टर में कार्यरत थे। न्यूयॉर्क के क्वींस और लॉन्ग आइलैंड में पले-बढ़े काश पटेल ने भारतीय मूल्यों के साथ अमेरिकी संस्कृति को अपनाया। ट्रंप प्रशासन में वे कई महत्वपूर्ण पदों पर रह चुके हैं, और अब FBI डायरेक्टर के रूप में उनकी नियुक्ति को एक बड़े फैसले के रूप में देखा जा रहा है।