अयोध्या न्यूज डेस्क: प्रयागराज में महाकुंभ के स्नान के बाद श्रद्धालुओं का रुख अयोध्या की ओर बढ़ गया है। रामलला के दर्शन के लिए हजारों की संख्या में श्रद्धालु अयोध्या पहुंच रहे हैं। महाकुंभ में शाही स्नान के बाद उत्तर प्रदेश के तीर्थ स्थलों, खासकर अयोध्या में, श्रद्धालुओं की संख्या में भारी इजाफा हुआ है। मौनी अमावस्या के दौरान और उसके बाद भी राम मंदिर में भक्तों का तांता लगा हुआ है। श्रद्धालुओं की भीड़ के कारण शहर में ट्रैफिक जाम और व्यवस्था बिगड़ने जैसी समस्याएं सामने आ रही हैं।
अयोध्या में श्रद्धालुओं की भीड़ को नियंत्रित करने और उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए जिला प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी ग्राउंड जीरो पर सक्रिय हैं। राम मंदिर और हनुमानगढी जैसे प्रमुख स्थलों पर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। बीएसएफ के जवानों को शहर के प्रमुख स्थानों और मेला क्षेत्र में तैनात किया गया है। अधिकारियों ने क्राउड मैनेजमेंट के लिए विशेष मास्टर प्लान तैयार किया है और दर्शन-पूजन को सुचारू रखने के प्रयास किए जा रहे हैं।
आईजी रेंज अयोध्या प्रवीण कुमार ने बताया कि राम जन्मभूमि और हनुमानगढी में दर्शन सुचारू रूप से चल रहे हैं। श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को संभालने के लिए ट्रैफिक डायवर्जन और वैकल्पिक मार्ग बनाए गए हैं। अयोध्या पहुंचने वाले वाहनों को पूर्वांचल एक्सप्रेसवे की ओर डायवर्ट किया जा रहा है। उन्होंने यह भी बताया कि श्रद्धालुओं की भीड़ के बावजूद अब तक कोई अप्रिय घटना नहीं हुई है, हालांकि एक महिला की मृत्यु हृदय गति रुकने के कारण हुई है।
डीएम चंद्र विजय सिंह ने बताया कि मौनी अमावस्या के मौके पर श्रद्धालुओं की संख्या और बढ़ने की संभावना है। इसे देखते हुए शहर में व्यापक तैयारी की गई है। अतिरिक्त मजिस्ट्रेट की तैनाती, शहर के बाहर पार्किंग व्यवस्था, और स्पेशल ट्रेन के शेड्यूल की निगरानी की जा रही है। श्रद्धालुओं के आगमन और प्रस्थान को व्यवस्थित करने के लिए विशेष ड्यूटी लगाई गई है।
राम जन्मभूमि और हनुमानगढी में दर्शन के बाद श्रद्धालु अपने गंतव्य की ओर लौट रहे हैं। प्रशासन की ओर से व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। अयोध्या में उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़ ने न केवल तीर्थ स्थलों की महिमा बढ़ाई है, बल्कि इस धार्मिक आयोजन को ऐतिहासिक बना दिया है।