अयोध्या न्यूज डेस्क: नेपाल के जनकपुर से आए 500 से ज्यादा प्रतिनिधियों ने अयोध्या में श्री राम तिलक उत्सव में हिस्सा लिया। मंदिर अधिकारियों के अनुसार, प्रतिनिधि सोने, चांदी और पारंपरिक प्रसाद लेकर आए थे। जनकपुर, जो सीता के जन्मस्थान के रूप में प्रसिद्ध है, ने इस समारोह में विशेष योगदान दिया। यह आयोजन भारत और नेपाल के बीच सांस्कृतिक और आध्यात्मिक रिश्तों को मजबूत करने में अहम माना जा रहा है।
अयोध्या के रामसेवकपुरम में आयोजित इस कार्यक्रम में नेपाली मेहमानों के स्वागत के लिए विशेष इंतजाम किए गए थे। तिलक उत्सव की शुरुआत जनकपुर के जानकी मंदिर के पुजारी राम रोशन दास के नेतृत्व में वैदिक मंत्रोच्चार से हुई। इस दौरान कई पवित्र वस्त्रों और प्रसादों का आदान-प्रदान हुआ, और अयोध्या की महिलाओं ने पारंपरिक लोकगीत भी गाए।
विहिप के उपाध्यक्ष राजेंद्र सिंह पंकज ने बताया कि मेहमानों के ठहरने की व्यवस्था कारसेवकपुरम और अन्य धार्मिक स्थानों पर की गई थी। नेपाली प्रतिनिधिमंडल ने राम मंदिर के गर्भगृह तक यात्रा की, जो भक्ति गीतों और पारंपरिक नृत्यों से भरपूर थी। 26 नवंबर को राम बारात जनकपुर के लिए रवाना होगी और 3 दिसंबर को वहां पहुंचेगी, जबकि विवाह उत्सव 6 दिसंबर को होगा।