अयोध्या न्यूज डेस्क: महाकुंभ के दौरान जहां प्रयागराज श्रद्धालुओं से भरा रहा, वहीं अयोध्या में भी राम मंदिर और हनुमानगढ़ी के दर्शन के लिए लाखों लोग पहुंचे। 45 दिनों में 1.25 करोड़ से अधिक श्रद्धालुओं ने मंदिरों में दर्शन किए, लेकिन भारी भीड़ के कारण राम मंदिर के बाहर हजारों जूते-चप्पल छूट गए। नगर निगम के सामने अब इनका निपटारा करने की चुनौती खड़ी हो गई है। रिपोर्ट्स के अनुसार, नगर निगम अब तक 30 से ज्यादा ट्रॉली भरकर जूते-चप्पल हटा चुका है, जिन्हें जेसीबी मशीनों की मदद से एक स्थान पर डंप किया जा रहा है।
जरूरतमंदों को बांटे जा रहे जूते-चप्पल
राम मंदिर प्रशासन ने श्रद्धालुओं के जूते-चप्पल जमा करने की व्यवस्था की थी, लेकिन भीड़ ज्यादा होने के कारण यह प्रबंधन प्रभावित हुआ। निकासी मार्ग में बदलाव के चलते श्रद्धालु अपने जूते-चप्पल लेने वापस नहीं आ सके, जिससे हजारों लोग इन्हें छोड़कर नंगे पैर चले गए। नगर निगम ने छोड़े गए फुटवियर को इकट्ठा कर Triple R सेंटर में रखा है, जहां से जरूरतमंद लोगों को मुफ्त में जूते-चप्पल दिए जा रहे हैं। नगर निगम के सहायक आयुक्त अशोक कुमार गुप्ता के अनुसार, अब तक 41,000 जोड़ी जूते-चप्पल जरूरतमंदों में बांटे जा चुके हैं।
नई व्यवस्था से दोबारा नहीं होगी परेशानी
नगर निगम ने इस समस्या से सीख लेते हुए भविष्य में बेहतर व्यवस्था करने का निर्णय लिया है। अब मंदिर परिसर में जूते-चप्पल जमा करने और लौटाने के लिए अधिक सुविधाएं विकसित की जाएंगी, ताकि ऐसी स्थिति दोबारा न बने। प्रशासन आने वाले दिनों में भी मुफ्त जूते-चप्पल बांटने की योजना पर काम कर रहा है, जिससे अधिक से अधिक लोगों को इसका लाभ मिल सके।