अयोध्या न्यूज डेस्क: बिहार के सुपौल जिले से अयोध्या धाम की यात्रा पर निकले तीर्थयात्रियों को सूरापुर में मानवीयता का बेहतरीन उदाहरण देखने को मिला। गुरुवार को, जब ये श्रद्धालु प्रयागराज महाकुंभ और काशी के दर्शन के बाद अयोध्या जा रहे थे, तो उनकी बस सूरापुर में खराब हो गई। बस में 24 महिलाएं, 22 पुरुष और तीन बच्चे सवार थे। तकनीकी दिक्कत के कारण बस बिजेथुआ धाम मार्ग पर रुक गई। चालक ने बस मालिक को सूचना दी, लेकिन कोई मदद नहीं मिली।
स्थानीय व्यापारियों को जब इस बात की जानकारी मिली तो उन्होंने तुरंत सहायता का हाथ बढ़ाया। व्यापारी नेता वीके अग्रहरि के नेतृत्व में सभी तीर्थयात्रियों को भोजन और ठहरने की व्यवस्था करवाई गई। रात हो जाने पर देवेंद्र सिंह ने महिलाओं को और महेश मोदनवाल ने पुरुषों को अपने घर में रुकने की जगह दी। सुबह, व्यापारियों ने यात्रियों को बिजेथुआ महावीर धाम स्थित धर्मशाला में स्नान और पूजा-पाठ की सुविधा भी प्रदान की। बस की मरम्मत के लिए शाहगंज से मिस्त्री को बुलाया गया ताकि जल्द से जल्द यात्रा फिर से शुरू की जा सके।
इस सहृदयता से प्रभावित होकर यात्रियों ने व्यापारियों की खूब सराहना की। यात्रा के संयोजक प्रफुल मंडल समेत महादेव दास, रामकृष्ण मेहता और रंजीत दास ने व्यापारियों का धन्यवाद किया। व्यापारियों ने यह भी आश्वासन दिया कि यदि बस की मरम्मत नहीं हो पाती, तो वे यात्रियों की आगे की यात्रा का प्रबंध भी करेंगे। रवि बरनवाल, चंद्रभान गुप्ता, अंश अग्रहरि और दिव्यांश मोदनवाल समेत कई व्यापारियों ने इस मदद में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।