अयोध्या न्यूज डेस्क: मिल्कीपुर विधानसभा सीट पर सियासी माहौल गरम है और इसी बीच समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने अयोध्या के जिलाधिकारी चंद्र विजय सिंह के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। अखिलेश ने स्थानीय प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए और डीएम को भी सीधे निशाने पर लिया। इस विवाद को लेकर सोशल मीडिया पर भी हंगामा मचा हुआ है। अयोध्या की जिम्मेदारी संभाल रहे आईएएस चंद्र विजय सिंह को योगी सरकार ने सात महीने पहले यहां तैनात किया था।
आईएएस चंद्र विजय सिंह 2012 बैच के अधिकारी हैं। अयोध्या से पहले वे सोनभद्र के जिलाधिकारी थे, जहां उन्हें भ्रष्टाचार के आरोपों में घिरे डीएम टीके शिबू के निलंबन के बाद नियुक्त किया गया था। इसके अलावा, वह फिरोजाबाद के डीएम और झांसी के मुख्य विकास अधिकारी भी रह चुके हैं। प्रशासनिक सेवाओं में आने से पहले उन्होंने आईआईटी रुड़की से इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग में बीटेक किया था। मूल रूप से वह उत्तर प्रदेश के मेरठ जिले के रहने वाले हैं।
मिल्कीपुर में मतदाता सूची को लेकर अखिलेश यादव ने प्रशासन पर लापरवाही और धांधली के आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि एक गांव में 100 से अधिक लोगों को बीएलओ पर्ची नहीं दी गई है, जिससे उन्हें मतदान से वंचित किया जा सकता है। अखिलेश ने इस मामले पर डीएम को चेतावनी दी कि अगर यह गड़बड़ी नहीं सुधारी गई तो वह खुद डीएम ऑफिस जाकर जवाब मांगेंगे।
इसके साथ ही अखिलेश यादव ने अपने हेलीकॉप्टर की लैंडिंग में बाधा डालने का भी आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि प्रशासन ने जानबूझकर गलत कोऑर्डिनेट्स भेजे ताकि उनका हेलीकॉप्टर भटक जाए और वह समय पर कार्यक्रम स्थल पर न पहुंच सकें। उन्होंने दावा किया कि यह साजिश उनकी सभाओं को प्रभावित करने के लिए रची गई थी।
अखिलेश ने प्रशासन की निष्पक्षता पर सवाल उठाते हुए कहा कि जब अधिकारी हेलीकॉप्टर उतरने से रोक सकते हैं, तो चुनाव में वे क्या करेंगे? उन्होंने कहा कि प्रशासन की भूमिका संदिग्ध है और यह सुनिश्चित करने के लिए सपा कार्यकर्ता तैयार रहें कि किसी भी मतदाता को मतदान से वंचित न किया जाए। इस पूरे विवाद के बाद अब चुनाव आयोग और प्रशासन की भूमिका पर भी चर्चा तेज हो गई है।