अयोध्या न्यूज डेस्क: श्रीराम मंदिर निर्माण समिति के अध्यक्ष नृपेंद्र मिश्र ने जानकारी दी कि मंदिर का निर्माण कार्य तेजी से आगे बढ़ रहा है और 15 अप्रैल तक पूरी तरह से संपन्न हो जाएगा। तीन मंजिला इस भव्य मंदिर की लंबाई 360 फीट, चौड़ाई 250 फीट और ऊंचाई 161 फीट होगी। कुल 4.5 लाख घन फीट पत्थर लगने थे, जिनमें से 4.3 लाख घन फीट पत्थर पहले ही इस्तेमाल हो चुके हैं। अब केवल 20 हजार घन फीट पत्थर लगाने का काम शेष रह गया है। इसी बीच, रामनवमी के विशेष अवसर को देखते हुए निर्माण समिति ने तैयारियां भी शुरू कर दी हैं। इस बार भी रामलला के सूर्याभिषेक की परंपरा निभाई जाएगी, जिसके लिए विशेषज्ञों से परामर्श लिया जा रहा है।
मंदिर के शिखर पर कुल 20 पत्थर की कड़ियां लगाई जानी हैं, जिनमें से 11 का संयोजन पूरा हो चुका है। राम जन्मभूमि परिसर 75 एकड़ में फैला हुआ है, जिसमें आठ एकड़ क्षेत्र में मुख्य मंदिर स्थित है, जबकि बाकी हिस्से में मंदिर से जुड़े अन्य प्रकल्प विकसित किए जा रहे हैं। परकोटे के अंदर छह अन्य मंदिर और परकोटे के बाहर सात अन्य मंदिरों का निर्माण लगभग पूरा हो चुका है। इन मंदिरों में स्थापित होने वाली सभी मूर्तियां अप्रैल में जयपुर से अयोध्या पहुंचेंगी। वहीं, गोस्वामी तुलसीदास की मूर्ति का शनिवार को आगमन अपेक्षित था।
मंदिर के 161 फीट ऊंचे शिखर पर विशाल ध्वज दंड स्थापित किया जाएगा, जिससे राम मंदिर का ध्वज 201 फीट की ऊंचाई पर लहराएगा। इसके अलावा, परकोटे के अंदर शिव, गणेश सहित अन्य देवी-देवताओं के मंदिरों के ऊपर भी ध्वज दंड लगाए जाएंगे। रामजन्मभूमि तीर्थक्षेत्र ट्रस्ट के सदस्य डॉ. अनिल मिश्र ने बताया कि मंदिर के शिखर निर्माण को अंतिम रूप दिया जा रहा है, साथ ही आकाशीय बिजली से सुरक्षा के लिए तड़ित चालक संयंत्र लगाने की प्रक्रिया भी शुरू हो चुकी है, जिससे मंदिर प्राकृतिक आपदाओं से सुरक्षित रहेगा।