अयोध्या न्यूज डेस्क: दुल्लापुर मोड़ पर संचालित आरएस हॉस्पिटल एंड सर्जिकल सेंटर को स्वास्थ्य विभाग ने सील कर दिया है। यह कार्रवाई बच्चेदानी के ऑपरेशन के बाद एक महिला की मौत के मामले में की गई। एक सप्ताह पहले हुई इस घटना के बाद प्रशासन ने जांच शुरू की थी।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. देवेंद्र कुमार भिटौरिया के निर्देश पर बुधवार को स्वास्थ्य विभाग की टीम भारी पुलिस बल के साथ अस्पताल पहुंची और परिसर को सील कर दिया। विभाग ने यह भी स्पष्ट किया कि अस्पताल संचालक के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
11 फरवरी को पटरंगा क्षेत्र के मथुरा पुरवा गांव की 45 वर्षीय महिला की बच्चेदानी निकालने का ऑपरेशन यहां किया गया था। ऑपरेशन के तुरंत बाद महिला की तबीयत बिगड़ गई। सांस लेने में दिक्कत, सीने में दर्द और बेचैनी की शिकायत पर उसे लखनऊ रेफर किया गया, लेकिन रास्ते में ही उसकी मौत हो गई। घटना के बाद क्षेत्र में आक्रोश फैल गया। मामले की जांच के लिए तीन सदस्यीय टीम गठित की गई, जिसमें एडिशनल सीएमओ डॉ. आशुतोष श्रीवास्तव, डिप्टी सीएमओ डॉ. पीके गुप्ता और सीएचसी मवई अधीक्षक डॉ. मदन बरनवाल शामिल थे। जांच में सामने आया कि अस्पताल का स्वास्थ्य विभाग में कोई वैध पंजीकरण नहीं था, जबकि उत्तर प्रदेश नर्सिंग होम एक्ट के तहत पंजीकरण अनिवार्य है। इसके बावजूद 1 जनवरी 2026 से अस्पताल में इलाज शुरू कर दिया गया था।
सूत्रों के मुताबिक कार्रवाई की सूचना मिलते ही अस्पताल संचालक ने कई जरूरी उपकरण पहले ही हटा लिए थे। स्वास्थ्य विभाग की इस सख्त कार्रवाई से क्षेत्र में बिना पंजीकरण चल रहे अस्पतालों में हड़कंप मच गया है। साथ ही निगरानी व्यवस्था और जवाबदेही को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं।