अयोध्या न्यूज डेस्क: रामनगरी अयोध्या में बढ़ते तापमान के प्रकोप को देखते हुए पहली बार 'हीट एक्शन प्लान' (HAP) लागू किया गया है। इसका मुख्य उद्देश्य स्थानीय निवासियों के साथ-साथ यहाँ आने वाली बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं को भीषण गर्मी से सुरक्षित रखना है। तेजी से बढ़ते पर्यटन और शहरीकरण के कारण शहर में तापीय जोखिम (Thermal Risk) काफी बढ़ गया है, जिसे नियंत्रित करने के लिए प्रशासन ने यह एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है।
इस योजना को नेचुरल रिसोर्सस डिफेंस कौंसिल (NRDC) और इंडियन इंस्टिट्यूट ऑफ पब्लिक हेल्थ (IIPH), गांधीनगर के तकनीकी सहयोग से तैयार किया गया है। डेटा के अनुसार, अयोध्या नगर निगम के कुल 60 वार्डों में से 42 प्रतिशत वार्डों को 'हाई' या 'अत्यधिक तापीय जोखिम' वाले क्षेत्रों में वर्गीकृत किया गया है। रिपोर्ट में विशेष रूप से 'गर्म रातों' (बढ़ता नाइट टेम्परेचर) को एक बड़ी स्वास्थ्य चुनौती के रूप में चिह्नित किया गया है, जो बाहरी कामगारों, गरीब वर्ग और श्रद्धालुओं को सबसे अधिक प्रभावित करती है।
प्रभावी बचाव के लिए इस योजना में आधुनिक तकनीकों और बुनियादी ढांचे के विकास पर जोर दिया गया है। इसके तहत शहर में कूलिंग शेल्टर का निर्माण, प्रमुख मार्गों पर छायादार व्यवस्था और तापमान कम करने वाले मिस्टिंग सिस्टम स्थापित किए जाएंगे। साथ ही, भीषण गर्मी से पहले पूर्व चेतावनी प्रणाली (Early Warning System) को भी सक्रिय किया जाएगा, ताकि नागरिकों को समय रहते सतर्क किया जा सके और स्वास्थ्य आपातकाल जैसी स्थितियों से बचा जा सके।
हाल ही में आयोजित एक विभागीय बैठक में अयोध्या विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष, नगर आयुक्त, सीएमओ और एनआरडीसी इंडिया की कंट्री हेड सहित अन्य प्रमुख अधिकारियों ने इस योजना की विस्तृत रूपरेखा साझा की। यह पहल न केवल अयोध्या को वर्तमान गर्मी से निपटने में तात्कालिक राहत देगी, बल्कि दीर्घकालिक दृष्टिकोण से जलवायु परिवर्तन के प्रभावों के प्रति शहर को अधिक लचीला और सुरक्षित बनाने में भी सहायक सिद्ध होगी।