अयोध्या न्यूज डेस्क: राम जन्मभूमि परिसर में निर्माणाधीन वैकल्पिक गर्भगृह की छत की ढलाई और स्तंभों का निर्माण पूरा हो गया है। अब छत पर बने 14 स्तंभों को अनब्रेकेबल ग्लास से ढंकने का कार्य शुरू कर दिया गया है। यह प्रक्रिया पूरी होते ही इस ढांचे का निर्माण कार्य लगभग समाप्त माना जाएगा।
संभावना जताई जा रही है कि मार्च के प्रथम सप्ताह या मध्य तक वैकल्पिक गर्भगृह पूरी तरह तैयार हो जाएगा। इसके बाद जब श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की ओर से सप्तर्षियों और पूरक मंदिरों में दर्शन की व्यवस्था शुरू की जाएगी, तब रामलला और राम परिवार के दर्शन के बाद श्रद्धालु इस स्थल का भी अवलोकन कर सकेंगे।
यह वैकल्पिक गर्भगृह परिसर के दक्षिणी हिस्से में परकोटे के आग्नेय कोण, रामजन्मभूमि पुलिस चौकी के पास उसी स्थान पर बनाया जा रहा है, जहां 25 मार्च 2020 को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने हाथों से रामलला को अस्थायी रूप से प्रतिष्ठित किया था। उस समय यहां फाइबर का अस्थायी ढांचा बनाया गया था, जहां रामलला 22 जनवरी 2024 को भव्य मंदिर में प्रतिष्ठा होने तक विराजमान रहे।
दर्शनार्थियों की बढ़ती संख्या और आस्था को ध्यान में रखते हुए ट्रस्ट ने इस स्थान को संरक्षित करने और इसे स्थायी रूप देने का निर्णय लिया। निर्माण कार्य की जिम्मेदारी लार्सन ऐंड टुब्रो को सौंपी गई है। परियोजना निदेशक विनोद कुमार मेहता के अनुसार छत और स्तंभों का काम पूरा हो चुका है और अब ग्लास कवरिंग का कार्य चल रहा है। इस वैकल्पिक गर्भगृह में कोई प्रतिमा स्थापित नहीं की जाएगी; इसे केवल ऐतिहासिक और आध्यात्मिक महत्व के प्रतीक स्थल के रूप में संरक्षित किया जा रहा है।