अयोध्या न्यूज डेस्क: रामनगरी अयोध्या में मौनी अमावस्या के मौके पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को संभालने के लिए तैयारियां जोरों पर हैं। जिला प्रशासन, राम मंदिर ट्रस्ट और स्थानीय मठ-मंदिर इस जन सैलाब को सुव्यवस्थित तरीके से प्रबंधित करने में जुटे हुए हैं। अनुमान है कि प्रयागराज में महाकुंभ 2025 के दौरान मौनी अमावस्या पर 10 करोड़ से अधिक श्रद्धालु संगम स्नान करेंगे, जिनमें से लगभग 50 लाख से 1 करोड़ लोग अयोध्या पहुंच सकते हैं। संगम स्नान के बाद सरयू में डुबकी लगाने की धार्मिक परंपरा को निभाने के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु अयोध्या आते हैं।
श्रद्धालुओं के ठहरने और अन्य व्यवस्थाओं के लिए राम मंदिर ट्रस्ट व्यापक प्रबंध कर रहा है। महासचिव चंपत राय ने बताया कि कारसेवक पुरम, रामसेवक पुरम, तीर्थ क्षेत्र पुरम और बाग बीगेशी जैसे स्थानों पर अस्थाई ठहराव और भोजन की व्यवस्था की जाएगी। इसके अलावा, राम मंदिर के निकास द्वार अंगद टिले पर भी अस्थाई शेल्टर बनाया जाएगा। वाहनों की पार्किंग और यातायात प्रबंधन के लिए भी खास इंतजाम किए जा रहे हैं।
पिछले दिनों मकर संक्रांति पर अयोध्या में 20 से 22 लाख श्रद्धालुओं ने उपस्थिति दर्ज कराई थी, लेकिन केवल ढाई लाख श्रद्धालु ही रामलला के दर्शन कर सके थे। सुरक्षा के मानकों को देखते हुए दर्शन का समय सीमित रखा गया था। मौनी अमावस्या पर श्रद्धालुओं की संख्या में और बढ़ोतरी की संभावना है। रामलला का कपाट सुबह 6:30 बजे खुलने और रात 9:30 बजे बंद होने के दौरान अधिकतम दर्शन को सुनिश्चित करने की योजना बनाई जा रही है।
29 जनवरी को मौनी अमावस्या है, और 30-31 जनवरी को अयोध्या में श्रद्धालुओं की भीड़ और अधिक बढ़ने की संभावना है। वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने बताया कि अयोध्या को 12 सेक्टरों में विभाजित कर सुरक्षा और यातायात की व्यवस्था की गई है। एसएसपी अयोध्या के अनुसार, यातायात प्रबंधन और सुरक्षा को प्राथमिकता दी जा रही है, ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो।