अयोध्या न्यूज डेस्क: अयोध्या में राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा के बाद शहर की अर्थव्यवस्था में ऐतिहासिक बदलाव देखने को मिला है। पहले छह महीनों में करीब 11 करोड़ श्रद्धालुओं के पहुंचने से स्थानीय व्यापार में जबरदस्त उछाल आया है। बाजारों, दुकानों और सेवा क्षेत्र से जुड़े कारोबारियों की आय में पांच गुना तक वृद्धि दर्ज की गई है, जिससे शहर की आर्थिक गतिविधियां नई ऊंचाई पर पहुंच गई हैं।
Indian Institute of Management Lucknow (आईआईएम-लखनऊ) द्वारा किए गए अध्ययन ‘द इकोनॉमिक रेनैसां ऑफ अयोध्या, इंडिया: ए केस स्टडी ऑन श्री राम मंदिर’ में मंदिर निर्माण से पहले और बाद की अर्थव्यवस्था का तुलनात्मक विश्लेषण किया गया। रिपोर्ट के अनुसार, प्राण प्रतिष्ठा के बाद अयोध्या में प्रतिदिन औसतन दो लाख श्रद्धालु पहुंच रहे हैं, जिससे आतिथ्य, परिवहन और पर्यटन उद्योग को निरंतर बढ़ावा मिल रहा है।
मंदिर परिसर के आसपास संपत्तियों की कीमतों में पांच से दस गुना तक वृद्धि हुई है, जबकि रियल एस्टेट दरों में 25 से 40 प्रतिशत तक उछाल दर्ज किया गया। शहर में 150 से अधिक नए होटल और होम-स्टे तैयार किए गए हैं, और ऑनलाइन बुकिंग में 400 प्रतिशत की बढ़ोतरी देखी गई है। पर्यटन से जुड़े कर राजस्व के 20 से 24 हजार करोड़ रुपये के बीच रहने का अनुमान जताया गया है।
अध्ययन में यह भी अनुमान लगाया गया है कि आने वाले चार से पांच वर्षों में आतिथ्य, परिवहन, निर्माण और सेवा क्षेत्रों में लगभग 1.2 लाख प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार सृजित होंगे। इससे न केवल स्थानीय लोगों को रोज़गार के अवसर मिलेंगे, बल्कि अयोध्या की अर्थव्यवस्था भी दीर्घकालिक रूप से सशक्त होगी।