अयोध्या न्यूज डेस्क: रामनगरी अयोध्या में शुक्रवार को श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी, जिससे शहर में एक मेले जैसा माहौल बन गया। सरयू की लहरों के समानांतर आस्था की लहरें भी उफान मार रही थीं। शहर में इस कदर भीड़ बढ़ी कि यातायात व्यवस्था पूरी तरह से ध्वस्त हो गई और कई मार्गों पर जाम की स्थिति उत्पन्न हो गई। प्रशासन को भीड़ नियंत्रण के लिए कई रास्ते बंद करने पड़े। राम मंदिर में श्रद्धालुओं का आना-जाना जारी रहा, जहां मंदिर सुबह से लेकर शयन आरती तक 14 घंटे तक खुला रहा।
रामपथ से लेकर राम जन्मभूमि पथ और भक्तिपथ तक श्रद्धालुओं की भीड़ लगी रही। अयोध्या पहुंचने वाले भक्तों की संख्या लगातार बढ़ रही है, खासकर प्रयागराज में डुबकी लगाने के बाद बड़ी संख्या में लोग रामनगरी की ओर रुख कर रहे हैं। रामपथ के दोनों किनारों पर यातायात व्यवस्था में भारी अड़चनें आईं, जहां चार पहिया वाहनों का आवागमन रोकना पड़ा। रामघाट चौराहे, रायगंज और तपस्वी छावनी मार्ग पर जाम की स्थिति बनी रही।
राम मंदिर में दर्शन की चाह रखने वाले श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा। पिछले तीन दिनों में पांच लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने राम मंदिर में दर्शन और पूजन किया। शुक्रवार को भी दर्शन के लिए लंबी कतारें लगी रही। मंदिर सुबह 6:30 बजे खुला और रात 9:15 बजे तक दर्शन होते रहे। दोपहर में भोग आरती के समय केवल 20 मिनट के लिए मंदिर का पट बंद हुआ, लेकिन दर्शन जारी रहे। व्हीलचेयर की मांग करने वाले श्रद्धालुओं को काफी इंतजार करना पड़ा, उसके बाद उन्हें व्हीलचेयर मुहैया कराई गई।
राम मंदिर में वीआईपी दर्शन के लिए भी श्रद्धालुओं में होड़ मची रही। शुक्रवार सुबह नौ बजे तक सभी वीआईपी दर्शन स्लॉट पूरी तरह से भर गए थे। ये स्लॉट सुबह सात बजे से लेकर रात नौ बजे तक होते हैं और दो-दो घंटे के स्लॉट में वीआईपी दर्शन कराए जाते हैं। इसके अलावा, मंदिर के निकासी मार्ग पर भी प्रशासन ने भीड़ को नियंत्रित करने के लिए अतिरिक्त उपाय किए। एक नई लेन बनाई गई, ताकि श्रद्धालुओं की सुगमता से निकासी हो सके।
सुरक्षा की दृष्टि से एसपी सुरक्षा बलरामाचारी दुबे ने बताया कि राम मंदिर में रोजाना डेढ़ से दो लाख श्रद्धालु दर्शन करते हैं। इस बड़ी संख्या को नियंत्रित करने के लिए एटीएस, सीआरपीएफ, पीएसी के जवानों की तैनाती की गई है, और सुरक्षा एजेंसियों के जवान श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुविधा का ख्याल रख रहे हैं।