अयोध्या न्यूज डेस्क: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज, मंगलवार (28 अप्रैल, 2026) को दो नई अमृत भारत एक्सप्रेस ट्रेनों को हरी झंडी दिखाकर रवाना करेंगे। ये ट्रेनें बनारस-पुणे (हड़पसर) और अयोध्या-मुंबई (एलटीटी) के बीच चलेंगी। कम और मध्यम आय वाले परिवारों के लिए डिजाइन की गई ये ट्रेनें पूरी तरह से गैर-एसी (Non-AC) हैं, जिनमें स्लीपर और जनरल कोच की व्यवस्था है। इन दो नई सेवाओं के साथ देश में कुल संचालित अमृत भारत ट्रेनों की संख्या बढ़कर 64 हो जाएगी।
इन ट्रेनों की मुख्य विशेषताएं और रूट का विवरण नीचे दिया गया है:
1. बनारस-हड़पसर (पुणे) अमृत भारत एक्सप्रेस
यह ट्रेन उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र के बीच एक महत्वपूर्ण कड़ी साबित होगी।
यात्रा का समय: लगभग 30 घंटे।
मुख्य पड़ाव (कुल 18): ज्ञानपुर रोड, प्रयागराज, फतेहपुर, गोविंदपुरी, उरई, वीरांगना लक्ष्मीबाई झांसी, बीना, रानी कमलापति (भोपाल), नर्मदापुरम, इटारसी, हरदा, खंडवा, भुसावल, जलगांव, मनमाड, कोपरगांव, अहिल्यानगर और दौंड।
महत्व: यह ट्रेन काशी विश्वनाथ के दर्शन के लिए आने वाले तीर्थयात्रियों, भोपाल के आईटी/फार्मा पेशेवरों और जलगांव के कपास व केला व्यापारियों के लिए सीधा संपर्क प्रदान करेगी। साथ ही, यह शिरडी जाने वाले श्रद्धालुओं के लिए एक किफायती विकल्प बनेगी।
2. अयोध्या-मुंबई (एलटीटी) अमृत भारत एक्सप्रेस
यह सेवा मुख्य रूप से पूर्वी उत्तर प्रदेश के प्रवासी श्रमिकों और राम मंदिर के दर्शन के इच्छुक श्रद्धालुओं को ध्यान में रखकर शुरू की जा रही है।
यात्रा का समय: लगभग 28 घंटे।
मुख्य पड़ाव (कुल 12): अयोध्या कैंट, सुल्तानपुर, एम.बी.डी. प्रतापगढ़, प्रयागराज, मानिकपुर, सतना, जबलपुर, इटारसी, भुसावल, जलगांव, नासिक रोड और कल्याण।
महत्व: सुल्तानपुर और प्रतापगढ़ जैसे कृषि प्रधान क्षेत्रों से मुंबई जाने वाले बड़े प्रवासी कार्यबल के लिए यह ट्रेन जीवनरेखा का काम करेगी। इसके अलावा, यह मानिकपुर और सतना जैसे सीमेंट व खनिज क्षेत्रों को सीधे मुंबई (कल्याण/ठाणे) से जोड़ेगी।
अमृत भारत ट्रेन की तकनीक और सुविधाएं
इन ट्रेनों को यात्रा को सुरक्षित और आरामदायक बनाने के लिए आधुनिक तकनीक से लैस किया गया है:
पुश-पुल तकनीक: दोनों सिरों पर लोकोमोटिव होने के कारण ट्रेन की गति और प्रदर्शन बेहतर होता है।
झटका-मुक्त यात्रा: इसमें 'जर्क-फ्री' सेमी-ऑटोमैटिक कपलर्स का उपयोग किया गया है।
सुरक्षा: सीसीटीवी कैमरे, इमरजेंसी टॉक-बैक सिस्टम और एरोसोल-आधारित अग्निशमन प्रणाली।
यात्री सुविधाएं: मोबाइल चार्जिंग के लिए USB टाइप-A और टाइप-C पोर्ट, बेहतर लाइटिंग, आधुनिक शौचालय और एर्गोनोमिक सीढ़ियां।
यह पहल न केवल धार्मिक पर्यटन (वाराणसी, अयोध्या, प्रयागराज, शिरडी) को बढ़ावा देगी, बल्कि उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश के किसानों और व्यापारियों को महाराष्ट्र के बड़े बाजारों तक सस्ती पहुंच भी प्रदान करेगी।