अयोध्या न्यूज डेस्क: अयोध्या में सूरज की तपिश और चिलचिलाती धूप ने जनजीवन के साथ-साथ श्रद्धालुओं की दिनचर्या को भी पूरी तरह प्रभावित कर दिया है। दोपहर के समय श्रीराम जन्मभूमि मंदिर के दर्शन मार्ग और हनुमानगढ़ी के सामने रहने वाली लंबी कतारें अब नदारद दिख रही हैं। गर्मी का आलम यह है कि जो मार्ग एक सप्ताह पहले भक्तों की भीड़ से पटे रहते थे, वहां अब सन्नाटा पसरा हुआ है और लोग केवल शाम ढलने के बाद ही घरों या आश्रय स्थलों से बाहर निकलने की हिम्मत जुटा पा रहे हैं।
भीषण लू और चिलचिलाती धूप से बचने के लिए राम की पैड़ी भक्तों के लिए सबसे बड़ा सहारा बन गई है। दर्शन के लिए आए श्रद्धालुओं के समूह नहर के शीतल जल में स्नान कर राहत की सांस ले रहे हैं। रामपथ और मुख्य बाजार भी दिन के वक्त वीरान नजर आते हैं, जबकि शाम 6 बजे के बाद ही बाजारों में रौनक और सड़कों पर चहल-पहल लौटती है। धूप की तीव्रता इतनी अधिक है कि बिना छाया और शेड वाले मार्गों पर पैदल चलना यात्रियों के लिए एक कठिन चुनौती बन गया है।
मौसम के आंकड़ों पर नजर डालें तो अयोध्या में पारा सामान्य से काफी ऊपर बना हुआ है। आचार्य नरेंद्र देव कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के अनुसार, अधिकतम तापमान 42.5 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है, जो औसत से 3.3 डिग्री अधिक है। इसी तरह न्यूनतम तापमान में भी सामान्य से 3.4 डिग्री की बढ़ोत्तरी दर्ज की गई है। हवा में नमी और पश्चिमी दिशा से आने वाली गर्म हवाओं ने उमस और लू के प्रभाव को और अधिक कष्टदायक बना दिया है।
मौसम वैज्ञानिक डॉ. सीताराम मिश्रा ने चेतावनी दी है कि अगले 24 घंटों तक पूर्वी उत्तर प्रदेश में मौसम शुष्क रहेगा और पारा 2 से 3 डिग्री और चढ़ सकता है। ऐसे में प्रशासन के लिए सबसे बड़ी प्राथमिकता दर्शनार्थियों के लिए पेयजल और छायादार शेड की व्यवस्था करना है। भीषण गर्मी के इस दौर में श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुविधा सुनिश्चित करना अब एक अनिवार्य आवश्यकता बन गया है ताकि आस्था और स्वास्थ्य के बीच संतुलन बना रहे।