अयोध्या न्यूज डेस्क: योगी आदित्यनाथ सरकार अयोध्या में एक भव्य वेदिक वेलनेस सिटी स्थापित करने की योजना बना रही है, जो ध्यान और योग के लिए समर्पित होगी। यह वेलनेस सिटी राम मंदिर से महज तीन किलोमीटर दूर मंजा कला इलाके में 25.82 एकड़ में बनाई जाएगी। सात ब्लॉकों में विभाजित इस परिसर में आधुनिक सुविधाओं के साथ-साथ पारंपरिक भारतीय वेलनेस प्रथाओं का समावेश किया जाएगा। सरकार के मुताबिक, यह केंद्र शारीरिक, मानसिक और भावनात्मक पुनरुत्थान के लिए एक आदर्श स्थल होगा, जो वैश्विक वेलनेस टूरिज्म को भी आकर्षित करेगा।
इस वेलनेस सिटी में खुली हरियाली, योग और ध्यान केंद्र, आयुष आधारित चिकित्सा सुविधाएं और प्राकृतिक उपचार केंद्र होंगे। यहां शराब और मांसाहार पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा, जिससे अयोध्या की आध्यात्मिकता और सांस्कृतिक मूल्यों का संरक्षण किया जा सके। दस्तावेजों के अनुसार, इस परिसर में कोई भी ऐसी सेवा या उत्पाद अनुमति नहीं दिया जाएगा, जो अयोध्या की धार्मिक भावना के विरुद्ध हो। सरकार इसे 10 वर्षों के लिए निजी संस्थान को लीज पर देकर विकसित और संचालित करवाने की योजना बना रही है।
राम मंदिर बनने के बाद अयोध्या में तीर्थयात्रियों, साधकों और पर्यटकों की संख्या में भारी वृद्धि हुई है। इसी को ध्यान में रखते हुए वेलनेस सिटी को पंच कोशी और चौदह कोशी परिक्रमा मार्ग के जंक्शन पर विकसित किया जाएगा, जिससे यह धार्मिक पर्यटन का प्रमुख केंद्र बन सके। इस परियोजना के अंतर्गत 17 एकड़ में पार्किंग सुविधा भी विकसित की जाएगी, ताकि श्रद्धालुओं को किसी भी प्रकार की असुविधा न हो। इसके अलावा, यह प्रस्तावित वेलनेस सिटी इलेक्ट्रिक बस नेटवर्क और गोल्फ कार्ट से भी जुड़ी होगी, जिससे पर्यटकों को सुगम परिवहन की सुविधा मिल सके।
यह वेदिक वेलनेस सिटी अयोध्या के समृद्ध आध्यात्मिक इतिहास और आधुनिक वेलनेस ट्रेंड्स का अनूठा संगम होगी। राम मंदिर के नजदीक इसका निर्माण न केवल श्रद्धालुओं को आध्यात्मिक ऊर्जा प्रदान करेगा, बल्कि देश-विदेश से आने वाले पर्यटकों को भी आकर्षित करेगा। सरकार का मानना है कि यह परियोजना अयोध्या को वैश्विक स्तर पर वेलनेस टूरिज्म के नक्शे पर स्थापित करने में अहम भूमिका निभाएगी।