अयोध्या न्यूज डेस्क: अयोध्या में स्वयंसेवी संस्था पहल से जुड़ी महिलाएं अब गुड़ और दूध से बने विशेष पेड़े तैयार करेंगी। ये पेड़े हनुमान गढ़ी टेंपल में भगवान को भोग लगाने के बाद प्रसाद के रूप में वितरित किए जाएंगे और इन्हें देश-विदेश तक भेजने की योजना भी बनाई गई है। इस प्रसाद की बुकिंग ऑनलाइन होगी। खास बात यह है कि पेड़ों की पैकिंग मिट्टी के मटके में की जाएगी, जिसे ऐसे झोले में रखा जाएगा जिस पर रामायण से जुड़े प्रेरक वाक्य लिखे होंगे। इस पूरी प्रक्रिया—बनाने से लेकर पैकिंग तक—की जिम्मेदारी महिलाएं संभालेंगी।
इस योजना की घोषणा इंटरनेशनल वुमन'स डे के अवसर पर अयोध्या के पंडित अटल बिहारी वाजपई ऑडिटोरियम में आयोजित कार्यक्रम के दौरान सामाजिक कार्यकर्ता और पहल संस्था के संरक्षक मनीष मिश्रा ने की। उन्होंने कहा कि यह पहल स्थानीय महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने और अयोध्या की धार्मिक पहचान को दुनिया तक पहुंचाने का प्रयास है।
उन्होंने बताया कि इस प्रसाद को विदेशों तक भेजने के लिए राम मंदिर अयोध्या और हनुमान गढ़ी टेंपल के ट्रस्ट से भी बातचीत की गई है। यह पहल नरेंद्र मोदी के आत्मनिर्भर भारत अभियान से भी जुड़ी हुई है। कार्यक्रम में लगभग एक हजार महिलाओं को इस योजना के बारे में जानकारी दी गई।
संस्था की ओर से पहले चरण में 100 महिलाओं को रोजगार शुरू करने के लिए 25-25 हजार रुपये के चेक दिए गए। महिलाओं को 10-10 के समूह में संगठित किया जाएगा और हर समूह का नाम उन महिलाओं के नाम पर रखा जाएगा जिन्होंने देश की आजादी और समाज सेवा में महत्वपूर्ण योगदान दिया है।
कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने कहा कि महिलाओं की आर्थिक प्रगति से परिवार, गांव और पूरे समाज की उन्नति संभव है। समापन पर महिलाओं ने “जय श्रीराम”, महिला शक्ति और सनातन संस्कृति से जुड़े नारे लगाए तथा कार्यक्रम का अंत “वंदे मातरम्” के साथ हुआ।