अयोध्या न्यूज डेस्क: अयोध्या में 13 साल पुराने जानलेवा हमले के मामले में अदालत ने बड़ा फैसला सुनाते हुए छह दोषियों को साढ़े छह साल की सजा सुनाई है। अपर सत्र न्यायाधीश षष्ठम प्रेम प्रकाश ने यह निर्णय सुनाते हुए सभी दोषियों पर कुल 18 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया। इनमें से दो अभियुक्त सगे भाई हैं, जिन्हें अन्य दोषियों की तरह तीन-तीन हजार रुपये जुर्माना भरना होगा।
अदालत ने जानलेवा हमला करने के अपराध में पांच साल का कठोर कारावास और दो हजार रुपये जुर्माना लगाया है। इसके अलावा, एक राय होकर अपराध करने पर एक साल की कैद और पांच सौ रुपये का जुर्माना, जबकि मारपीट के अपराध में छह महीने की कैद और पांच सौ रुपये का अतिरिक्त जुर्माना तय किया गया है। वहीं, सह-अभियुक्त सुनील यादव को घटना में कम दोषी पाए जाने और उनके लीगल प्रोफेशन से जुड़े होने के कारण एक साल की परिवीक्षा सजा दी गई है।
यह मामला वर्ष 2012 का है, जब पुराकलंदर थाना क्षेत्र में 28 फरवरी की दोपहर रंजीत यादव अपने भाई राजमणि के साथ खेत जा रहे थे। तभी गांव के बलबीर यादव उर्फ सत्य प्रकाश, अमरनाथ, सुनील कुमार यादव, प्रदीप यादव, उदय भान वर्मा, राम कुमार, बैजनाथ और उमेश यादव ने लाठी-डंडों से उन पर हमला कर दिया। हमले में रंजीत यादव के सिर पर गंभीर चोट लगी, जबकि बीच-बचाव करने पहुंचे अन्य लोग—राजमणि, कर्मवीर, आलोक, विजय और शिवकुमार भी घायल हो गए।
मामले की सुनवाई के दौरान न्यायाधीश ने सबूतों और गवाहों के बयानों को देखते हुए राम कुमार, बैजनाथ, बलवीर यादव, अमरनाथ, प्रदीप यादव और उदयभान को दोषी करार दिया। इस फैसले से पीड़ित पक्ष को लंबी कानूनी लड़ाई के बाद राहत मिली है।