अयोध्या न्यूज डेस्क: अयोध्या में भव्य राम मंदिर निर्माण के बाद न केवल धार्मिक पर्यटन में अभूतपूर्व उछाल आया है, बल्कि वैश्विक स्तर पर सनातन संस्कृति और प्रभु श्रीराम के प्रति लोगों का अनुराग भी गहरा हुआ है। देश-विदेश से हर दिन लाखों श्रद्धालु रामलला के दर्शन के लिए पहुंच रहे हैं, जिससे पूरी रामनगरी भक्ति, श्रद्धा और अनुशासन के एक अद्भुत त्रिवेणी में तब्दील हो चुकी है। मंदिर परिसर का वातावरण इस कदर अलौकिक है कि यहां आने वाला हर व्यक्ति आध्यात्मिक ऊर्जा से सराबोर हो जाता है।
इस पावन परिसर की सबसे अनूठी बात यह है कि यहां केवल आम श्रद्धालु ही नहीं, बल्कि उनकी सुरक्षा की जिम्मेदारी संभालने वाले पुलिस अधिकारी और जवान भी पूरी तरह रामभक्ति के रंग में रंगे नजर आते हैं। इन दिनों सोशल मीडिया पर एक वीडियो जमकर सुर्खियां बटोर रहा है, जिसमें राम मंदिर की सुरक्षा में तैनात एसपी सुरक्षा अधिकारी बलरामाचारी दुबे अपने कार्यालय में बैठकर पूरी तन्मयता से 'राम रक्षा स्तोत्र' का पाठ करते दिख रहे हैं। इस भावुक कर देने वाले वीडियो को देखकर लोग इसे रामनगरी की दिव्य और आध्यात्मिक शक्ति का साक्षात प्रभाव मान रहे हैं।
सुरक्षाकर्मियों की यह अटूट आस्था रोजाना मंदिर परिसर में देखने को मिलती है, जब सुबह की मंगला आरती और रात की शयन आरती के समय ड्यूटी पर तैनात सभी जवान अपनी जगह पर अत्यंत आदर भाव से हाथ जोड़कर खड़े हो जाते हैं। रामलला के प्रति खाकी का यह समर्पण इन दिनों अयोध्या आने वाले भक्तों के बीच विशेष चर्चा का विषय बना हुआ है। रामभक्ति का ऐसा ही उदाहरण लखनऊ जोन के एडीजी प्रवीण कुमार भी पेश कर चुके हैं, जो अयोध्या मंडल में आईजी पद पर तैनाती के दौरान नियमित रूप से रामलला के दरबार में हाजिरी लगाते थे और स्थानीय लोग उन्हें एक कड़क अधिकारी के साथ-साथ प्रभु राम के सच्चे सेवक के रूप में याद करते हैं।
वास्तव में, राम मंदिर की स्थापना के बाद अयोध्या में आध्यात्मिक चेतना का एक ऐसा नया सवेरा हुआ है, जिसने पूरी दुनिया का ध्यान अपनी ओर आकर्षित किया है। यह इस पावन नगरी की बदलती और निखरती तस्वीर का ही असर है कि आज हर वर्ग, पद और प्रतिष्ठा का व्यक्ति अपनी व्यस्ततम दिनचर्या से समय निकालकर प्रभु श्रीराम की भक्ति और अपनी सनातन संस्कृति की जड़ों से खुद को जोड़ने के लिए लालायित दिखाई दे रहा है।